How Aarogya Setu App Works? - In Hindi - आरोग्य सेतु App कैसे काम करता है ? क्या है इसके फायदे ?

नमस्कार दोस्तों, तो कैसे है आप लोग ? १४ अप्रैल २०२० को भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदीजी ने अपने संबोधन में लोगों से आरोग्य सेतु App डाउनलोड करने की अपील की थी। क्यों भाई ? ऐसा क्या है इस App में ? अपने देश के प्रधानमंत्री हम सब से अपील कर रहे है मतलब कुछ तो बात जरूर होगी। तो चलिए जानते है - आरोग्य सेतु App कैसे काम करता है ? क्या है इसके फायदे ?



How Aarogya setu app works

कैसे बना आरोग्य सेतु App ?

आरोग्य सेतु एक भारतीय कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, सिन्ड्रोमिक मैपिंग और स्वमूल्यांकन डिजिटल App है, जिसे नेशनल इन्फोर्मेटिक सेंटर ने Ministry Of Electronics & Information Technology के under बनाया है। इस App का प्रमुख उद्देश्य COVID-19 के बारे में जागरूकता फैलाना और भारत के लोगों के लिए आवश्यक COVID-19 संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़ना है। यह एक ट्रैकिंग App है जो कोरोना वायरस संक्रमण को ट्रैक करने के लिए स्मार्टफोन के जीपीएस और ब्लूटूथ सुविधाओं का उपयोग करता है। यह App ११ भाषाओं में उपलब्ध है। यह एप्लीकेशन Android और iOS मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए उपलब्ध है। यह App कोरोना कवच (अब बंद हो गया ) नामक एक पुराने App का अपडेटेड वर्जन है जिसे भारत सरकार द्वारा पहले जारी किया गया था। 

आरोग्य सेतु App कैसे काम करता है ?

यह App फ़ोन की जीपीएस और ब्लूटूथ क्षमताओं का उपयोग करता है। यह अन्य सभी आरोग्य सेतु उपयोगकर्ताओं का एक रिकॉर्ड रखेगा जो उसने ब्लूटूथ का उपयोग करते करते हुए पास में आये लोगों से पाया था। यह उन सभी स्थानों के जीपीएस लॉग का भी उपयोग करेगा जो डिवाइस ने १५ मिनट के अंतराल पर किया था। जब तक कोई उपयोगकर्ता का टेस्ट पॉजिटिव हो जाता है या एप्लीकेशन में एक स्व-मूल्यांकन सर्वेक्षण में COVID-19 के लक्षणों की घोषणा करने तक ये रिकॉर्ड फ़ोन पर संग्रहित किये जाते है। और ऐसे मामलों में रिकॉर्ड सर्वर पर अपलोड किये जाते है। ब्लूटूथ के साथ, अगर कोई COVID-19 संक्रमित व्यक्ति के पास (छह फिट के भीतर ) रहा हो तो भारत में ज्ञात मामलों के डेटाबेस के माध्यम से स्कैन करके यह जोखिम को निर्धारित करने की कोशिश करता है। लोकेशन की जानकारी का उपयोग करते हुए, यह निर्धारित करता है की क्या उपलब्ध स्थान संक्रमित क्षेत्र में से एक है।   

आरोग्य सेतु App के फायदे क्या है ?

आरोग्य सेतु App के ४ सेक्शन है। 
  • उपयोगकर्ता स्तिथि - इसमें उपयोगकर्ता के लिए उस जोखिमों के बारे में बताया गया है जिससे COVID-19 हो सकता है। 
  • सेल्फ असेसमेंट - उपयोगकर्ताओं को COVID-19 की लक्षणों और उनके जोखिम की पहचान करने में मदद करता है। 
  • COVID-19 अपडेट - स्थानीय और राष्ट्रीय COVID-19 मामलों पर अपडेट देता है। 
  • ई - पास एकीकरण - यदि आपने ई - पास के लिए आवेदन किया है तो यह पास इस App में उपलब्ध होगा। 
  • यह App बताता है की उपयोगकर्ता से ५०० मीटर, १ किमी, २ किमी, ५ किमी और १० किमी के दायरे में कितने COVID-19 के सकारात्मक मामले होने की संभावना है। 
  • इस एप्लीकेशन को एक ऐसे प्लेटफार्म पे बनाया गया है जो एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस (API) प्रदान कर सकता है ताकि अन्य कंप्यूटर प्रोग्राम, मोबाइल एप्लीकेशन और वेब सेवाएं आरोग्य सेतु में उपलब्ध सुविधाओं और डेटा का उपयोग कर सकें।  

कैसा Response मिला इस App को ?

आरोग्य सेतु App ने लॉन्च के तीन दिनों के भीतर ही पांच मिलियन डाउनलोड को पार कर लिया, जिससे यह भारत में सबसे लोकप्रिय सरकारी ऍप में से एक बन गया। यह २ अप्रैल २०२० को भारत में लॉन्च होने के १३ दिन बाद, ५० मिलियन से अधिक इंस्टॉल के साथ, Pokemon Go ऍप को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला मोबाइल ऍप बन गया है। १३ मई २०२० तक इस ऍप के १०० मिलियन इंस्टॉल हो गए थे, जो की इसके लॉन्च के ४० दिनों के भीतर है। 

२९ अप्रैल २०२० को एक आदेश में केंद्र सरकार ने सभी कर्मचारियों को ऍप डाउनलोड करने और इसका उपयोग करने के लिए अनिवार्य कर दिया। कार्यालय के शुरू करने से पहले, उन्हें आरोग्य सेतु पर अपनी स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए और केवल तभी काम शुरू करना चाहिए जब ऍप सरक्षित या कम जोखिम दिखता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी कहा है की सभी COVID-19 कन्टेनमेंट झोन में रहने वाले लोगों के लिए यह ऍप अनिवार्य है। 

२१ मई २०२० को, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने एक मानक संचालन प्रकिया (SOP) जारी करते हुए कहा की सभी प्रस्थान करने वाले यात्रियों को अनिवार्य रूप से आरोग्य सेतु ऍप का उपयोग करना चाहिए। इसमें कहा गया है की १४ साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह ऍप अनिवार्य नहीं होगा। हालाँकि, अगले ही दिन, Civil Aviation मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया की ऍप किसी भी यात्रियों के लिए अनिवार्य नहीं होगा। 

NITI आयोग के सीईओ ने खुलासा किया की यह ऍप समय से पहले ३-१७ दिनों में ३००० से अधिक हॉटस्पॉट की पहचान करने में सक्षम है। ५ मई को, फ्रेंच एथिकल हैकर रोबर्ट बैप्टिस्ट, जो ट्विटर पर इलियट एल्डरसन नाम से जाने जाते है, उन्होंने दावा किया की इस ऍप के साथ सुरक्षा को लेकर कुछ कमिया है। भारत सरकार, साथ ही ऍप डेवेलपर्स ने भी इस दावे का जवाब दिया हैकर को उसके ध्यान के लिए धन्यवाद दे कर, लेकिन उसकी चिंताओं को ख़ारिज कर दिया। एप्लीकेशन के डेवेलपर्स ने कहा की लोकेशन डेटा का प्राप्त करना ऍप की एक प्रलेखित विशेषता है, बजाय एक दोष के, क्योंकि ऍप वायरस संक्रमित आबादी के वितरण को ट्रैक करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा की किसी भी उपयोगकर्ता की कोई भी व्यक्तिगत जानकारी खतरे में नहीं होगी। 

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